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शिव तंत्र ज्ञान
शिव तंत्र ज्ञान
॥ॐ॥ जो लोक-लज्जा, शास्त्र-लाज्जा,कुल-लज्जा आदि पाश में बंधा है, वह जिव है,और जो सब प्रकार की लज्जा को छोड़कर तंत्र-मार्ग पर चलकर उन्मुक्त साधना की तृप्ति करे वही शिव होता है ॥ॐ॥
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