बिर कंगन ( वीर कंकन )


जय महाकाल - 


बिर कंगन-वीर कंकन || veer kangan 52 veer sidhhi 

 

य महाकाल। ....साधक मित्रों को आज आप सबको एक दुर्लभ तंत्र साधना बारे में  बताना चाहूंगा जो की बीर कंगन नामक यंत्र की है ...... दोस्तों   बिर कंगन तंत्र क्षेत्र का एक ऐसा  दुर्लभ  और  दिव्य बलशाली यन्त्र हैं जो कंगन रूपी आकार में ,होता हैं।  जो की नाथ प्रणाली में सदियों से प्रचलित हैं , जिसका उपयोग ५२, वीरों को सिद्ध कर के उनसे भिन्न भिन्न कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाता हैं। हालाँकि ये आजकल बहोत ही  दुर्लभ हैं यह कंगन । .इस कंगन को  बनाने वाले  और सिद्ध करनेवाले भी गिने चुने हीरह गए... हैं वो भी जिनके पास खानदानी परंपरागत  यह विद्या उपलब्ध हैं । ( हमारे परम गुरु औघडनाथ गुरूजी  )उनमे से एक हैं } .इस कंगन की सिद्धि आम तौर पर शमशान  में की जाती हैं.... जो की हर एक के लिए इसकी साधना असम्भव हैं... (  मगर  कुछ लोग इंटर  नेट पर  लोगो को गुमराह कर के झूठा आश्वासन देते हैं की। ..  हम कंगन सिद्ध कर के दे रहे हैं... ५२ वीर आपके सामने आकर खड़े हो जायँगे ऐसा होगा वैसा होगा ) और मनघडंत विधि सामग्री बता कर  ये लोगो को बरगला कर  नकली कंगन बेचते हैं जो की किसी काम का नहीं होता महज धातु के बर्तन के सिवा । लोगो को आकर्षित करने के लिए उसमे क्या क्या डाला जाता  है कितना ग्राम डाला जाता हैं , मित्रो यह एक दुर्लभ दिव्य वस्तु हैं इसका विधि विधान गुप्त होता हैं ऐसे इसे जानकार व्यक्ति सार्वजानिक नहीं करते जो नाथ पंथी जानते हैं | अब आप ही सोचिये ये ऐसे नकलची लोगों ने  ऐसे विधि का मूल्यांकन बता कर अपना नकली माल बेचने प्रयास चल रहा हैं क्रिपया  ऐसे नेट मार्केटिंग वालो से बच के रहिए साधको को आवाहन हैं   ).इस प्रकार कीबाते बता कर अपना सिर्फ  व्यापार कर  रहे हैं। .क्रिपया  साधक मित्र  सावधान रहे  ( साधक मित्रो जरा सोचिये ) अगर एक मामूली पिशाच का साया इंसान पर पड जाये तो मामूली साया या भूत  कह लीजिये 
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बीर कंगन 

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बीर कंगन 



  हवा , भी इंसान को पकड़ ले तो उस इंसान की  की टट्टी पिशाब गुल कर देता हैं। .यहाँ पर तो वीरों को अपने बस में कर के उनसे काम लेने की बात हैं। ..क्या इतना आसान हैं ये...?। मित्रो ये नकली कंगन बेचने वाले यहाँ तक दावा करते हैं की ५२ बीर  सामने आकर  खड़े हो जायेंगे ) मैं उन बेवकूफों  से पूछना चाहता हूँ की तुम्हारे फ़रिश्तोने भी  कभी एक बीर सिद्ध कर के    सामने खड़ा किया हैं क्या। ... जो झूठा दावा करते हैं ,  मित्रो आप् खुद ही सोचो आप अपने इष्ट को सिद्ध करते हो तब कितना कठोर प्रयास करने बाद भी  सामने नहीं आते और  न उनके असर पता चलता हैं , पता  चलने में भी काफी समय लग जाता हैं| यहाँ तो वीरों को आज्ञा दे कर काम लेने की बात हैं क्या उतनी ऊर्जा हैं तुममे नंगी आँखों से देख पाओगे खुद सोचे | आसान ना समझे जान भी जा सकती हैं |   क्यों की वीरों को प्रत्यक्ष कर सके ये काम उच्च कोटी  के साधको के लिए मुमकिन हैं  उतनी ऊर्जा क्षमता आम साधक नहीं रख सकता ना उनकी ऊर्जा आसानी से झेल सकता हैं   .क्या आप उतनी क्षमता रखते हैं के इन वीरो को आप अपने बस में रख सको। . और विरोंसे  आसानी से कामले पाओगे । .. अगर हाँ तो ये कंगन आप अवश्य  प्राप्त कर  सकते हैं  यहाँ पर  ज्यादा इस कंगन के  बारे में लिखना उचित नहीं लगता क्यों  की बिर कंगन अपने आप में  एक दिव्य और दुर्लभ  वस्तु हैं। .इसे कुछ विशेष धातुओं से बनाना पडता हैं विशेष तांत्रिक क्रिया  सिद्धि के माध्यम से मंत्र संस्कार कर के तैयार किया जाता हैं  .और इस कंगन को  पूर्णताह विवस्र अवस्था में रहकर ही  बनाया जाता हैं। ..    विशेष सिद्धियोग पर्वकाल ,अथवाग्रहण काल  में सिद्ध किया जाता हैं..... बहोत नियम में रह कर इसे सिद्ध कर के उपयोग में लाना पड़ता हैं। .अन्यथा स्वयं को हानि हो सकती हैं। . इस कंगन के ऊपर बावन बीरों को छोटी छोटी मूर्ति रूपी अकार में स्थापित किया जाता हैं...  जो की अभिमंत्रित   करके  स्थापित किया जाता हैं  । यह सारी प्रक्रिया अनुभवी गुरु के आधीन होता हैं और होना भी  चाहिए।  अन्यथा अपना लाइफ इंशोरेंस  अवश्य करवा  कर रख लीजिये | कंगन के सिद्ध होने के पश्चात  इस कंगन से आप हर एक  प्रकार के विभिन्न   कार्यों को कर   सकते  हैं।  साधक मित्रों से निवेदन हैं की कृपया इस कंगन का गलत उपयोग ना करे लोककल्याण के लिए इसे उपयोग में लाये अन्यथा स्वयं के हानि के जिम्मेदार आप स्वयं ही होंगे। ... .।


अगर किसी साधक मित्रों को इस बीर कंगन को प्राप्त करना हो , या इसके बारे में कोई अन्य  जानकारी की आवशक्ता हो तो निम्न दिए हुए  तरीके से  संपर्क  कर सकते हैं। ..


( चेतावनी }  

Beer Kangan
बीर कंगन 

( एक विशेष चेतावनी हैं जो के  ब्लॉग के चोरो के लिए हैं।  .इस ब्लॉग का हर लेख आर्टिकल एवं वस्तु की तस्वीरें स्वयं निर्मित हैं इसे कॉपी पेस्ट करने या चोरी करने का प्रयास ना करे अन्यथा अपने स्वयं के हानि के जिम्मेदार आप ही होंगे )   जय। ..महाकाल औघड़नाथ


( विशेष नोट ) -  क्रिपया ज्ञान चोदू टाइप के लोग कॉल न  करे  जरुरत मंद साधक ही संपर्क करे 


संपर्क  -    +91 9207 283 275