जय महाकाल साधक मित्रों
* पति वशीकरण होली पर किया जाने वाला वशीकरण मंत्र टोटका उपाय विधि *
जय महाकाल साधक मित्रों ! आज एक होली पर किए जाने वाला विशेष पति वशीकरण उपाय एवं मंत्र टोटका बताने जा रहा हूँ, जो कुछ महिलाएं अपने पति के प्रेम से वंचित हैं , या पति प्रेम नहीं करता, या किसी दूसरी स्त्री के ओर आकर्षित रहते हैं, उनके जीवन की अंधेरी रात को इस उपाय टोटके मंत्र से हमेशा के लिए खत्म कर सकती है। क्यों अपने पति को अपना नहीं बना पा रहे? वह आपके सामने होते हुए भी आपको क्यों नजरअंदाज करता है?
आज महिलाओं के इसी समस्या के चलते मैं आपको एक विशेष प्रयोग टोटका मंत्र बताऊंगा जो बाहोंत दुर्लभ हैं । जो मैं आपको वह गुप्त रहस्य बताऊँगा जिसे प्राचीन काल से ऋषि-मुनि प्रयोग करते आए हैं। आपको केवल सुबह उठकर, बिना मुँह धोए, एक छोटा सा उपाय करना है। फिर देखिए, जिसे आप पसंद करते हैं – , पति-या मित्र हो या कोई भी प्रिय व्यक्ति – वह आपके प्रति आकर्षित होने लगेगा।
दोस्तों, यह कोई साधारण टोटका नहीं है। यह आपके मन की ऊर्जा को दूसरे के मन तक पहुँचाने की एक क्रिया है। इसे करने के लिए आपको किसी पंडित के पास जाने की जरूरत नहीं है, न ही श्मशान जाने की आवश्यकता है। आप अपने घर में, अपने कमरे में बैठकर यह क्रिया कर सकते हैं।
यह उपाय किसी भी धर्म के व्यक्ति के लिए समान रूप से काम करता है, क्योंकि प्रेम किसी धर्म की सीमा नहीं मानता।
आवश्यक सामग्री:
इस क्रिया के लिए आपको केवल तीन चीजों की आवश्यकता होगी:
बरगद (बट) के पेड़ के दो ताजे पत्ते
– पत्ते साफ और बिना फटे होने चाहिए।
– जमीन पर गिरे हुए पत्ते का उपयोग न करें।
– पेड़ से तोड़ते समय मन ही मन अनुमति अवश्य लें।
लाल मार्कर पेन या लाल स्याही का पेन का उपयोग करे
– लाल रंग प्रेम और आकर्षण का प्रतीक है।
– काली या नीली स्याही का प्रयोग न करें।
एक हाथ लंबा लाल सूती धागा
– नायलॉन सिंथेटिक धागा न लें।
कब करें?
सप्ताह के किसी भी दिन कर सकते हैं, लेकिन शुक्रवार को करना सबसे उत्तम माना गया है।
समय – सुबह 6 बजे से 9 बजे के बीच, सूर्योदय के बाद।
विधि:
शुक्रवार सुबह तय समय पर उठें।
किसी से बात न करें, कुल्ला दंत मंजन न करें, पानी भी न पिएं।
पूर्व दिशा की ओर मुख करके शांत स्थान पर बैठें।
अपनी इष्ट देवी-देवता पितृ को याद करें।
अब पहला बरगद का पत्ता लें और जिस व्यक्ति को पाना चाहते हैं उसका नाम उस पर लाल पेन से साफ-साफ लिखें।
दूसरे पत्ते पर पहले अपना नाम लिखें और उसके नीचे यह बीज मंत्र लिखें:
“ॐ क्लीं क्लीं वशीभूताय स्वाहा”
इसके बाद दोनों पत्तों को इस प्रकार मिलाएँ कि दोनों नाम एक-दूसरे की ओर हों। फिर उन्हें चार बार मोड़ लें। अब लाल धागे से पत्तों को ठीक सात बार लपेटें और सात गाँठें लगाएँ। हर गाँठ लगाते समय मन ही मन कहें: “अब तुम मेरे हो चुके हो।”
अब उस बंधे हुए पत्ते को हाथ में लेकर आँखें बंद करें और ऊपर लिखा मंत्र 51 बार जपें।जप पूरा होने पर पत्ते पर तीन बार फूँक मारें। उसी दिन सुबह किसी नदी, तालाब या बहते हुए जल या नदी स्रोत के पास जाएँ।
पत्ते को जल में प्रवाहित करने से पहले उस व्यक्ति का नाम 11 बार लें।
फिर पत्ते को पानी में छोड़ दें और पीछे मुड़कर न देखें। आप देखेंगे २ से 3 दिन में आपको अनुभव होने लगेगा
{साधक मित्रों यह प्रयोग एक जानकारी के उद्देश्य से दिया जा रहा है, कृपया इसका दूर उपयोग ना करे , अगर कोई करता है उसके स्वयं के हानि का जिम्मेदार खुद होगा }
कोई भी साधना सिद्धि प्रयोग अनुभवी गुरु के निर्देश में करे इससे सफलता शीघ्र प्राप्त होती हैं
– जय महाकाल –
गुरुजी –91 9207283275
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