इंद्रजाल वनस्पति आस्था, परंपरा और रहस्यमय विश्वासों से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण जड़ी,


– जय महाकाल आदेश –



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इंद्रजाल वनस्पति आस्था, परंपरा और रहस्यमय विश्वासों से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण जड़ी






इंद्रजाल वनस्पति: आस्था, परंपरा और रहस्यमय विश्वासों से जुड़ी एक अत्यंत महत्वपूर्ण जड़ी


भारतीय सनातन परंपरा में वनस्पतियों और जड़ी-बूटियों को केवल औषधि ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत भी माना गया है। इन्हीं दुर्लभ और रहस्यमय वनस्पतियों में से एक है इंद्रजाल।
लोकविश्वासों के अनुसार, इंद्रजाल को नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करने, बाधाओं को दूर करने और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाली एक प्रभावशाली वनस्पति माना जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन घरों या कार्यस्थलों में बार-बार अवरोध, मानसिक अशांति, व्यापार में रुकावट या अनजानी नकारात्मकता महसूस होती है, वहाँ इंद्रजाल का प्रयोग विशेष रूप से किया जाता है।
माना जाता है कि यह वनस्पति वातावरण को शुद्ध कर सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

घर, व्यापार और जीवन से जुड़ी मान्यताएँ:


ऐसी मान्यता है कि यदि इंद्रजाल को विधि-विधान से घर के मंदिर में रखा जाए, तो बुरी नज़र और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम हो जाता है। घर के मुख्य द्वार पर इंद्रजाल रखने से नकारात्मक ऊर्जा का
प्रवेश रुकता है और वास्तु दोष शांत होते हैं ऐसा धार्मिक ग्रंथों और लोकपरंपराओं में कहा गया है।

व्यापार से जुड़े लोगों के बीच यह विश्वास प्रचलित है कि दुकान या कार्यस्थल की दक्षिण दिशा में इंद्रजाल रखने से व्यापार में वृद्धि होती है, निर्णय क्षमता मजबूत होती है और आर्थिक अड़चनें कम होती हैं।
नवरात्रि, होली और दीपावली जैसे शुभ अवसरों पर इसे मंत्रपूर्वक धारण करना या पूजन करना विशेष फलदायी माना जाता है।

संतान, शत्रु बाधा और नजर दोष से जुड़ी धारणाएँ:–

कुछ परंपराओं में इंद्रजाल वनस्पति को संतान प्राप्ति की कामना, शत्रुओं से रक्षा और नजर दोष जैसे कष्टों से मुक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। यह सब आस्था आधारित विश्वास हैं, जिनका आधार धार्मिक ग्रंथ और लोक अनुभवसे माने जाते हैं।


मित्रो यह इंद्रजाल  एक दिव्य वनस्पति हैं जो बहोत ही कम  पायी जाती हैं , मित्रों यह वनस्पति जिसके  पास होती हैं उसेके तो वारेन्यारे हो जाते हैं , सुख शांति , और बरकत के मार्ग खुल जाते हैं इस वनस्पति को विशेष तंत्र प्रणाली से सिद्ध कर के घर की दिवार पर लगा दिया जाये तो भूतो प्रेतों के हमले से बचा जा सकता हैं , किसी की मुठ करनी , बाधा तंत्र मंत्र असर नहीं करता , ऊपरी परायी बला नहीं सताती  एवं वास्तु दोषो का शमन करती हैं  मगर वो वनस्पति सिद्ध की  होनी चाहिए अन्यथा  इसका इस्तेमाल एक आम लकड़ी के सामान हैं , यह वनस्पति अपने आप में दिव्यता और रहस्य समेटे हुए हैं। .. जब आप इसे उपयोग में लाएंगे तब आपको अनुभव हो जायेगा के वाकई कुछ चीज पायी हैं ।  इस वनस्पति को पूर्णतः तंत्र प्रणाली से सिद्ध करने के बाद ही अपना प्रभाव दिखाती है । ..

इंद्रजाल को अक्सर तंत्र-मंत्र से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन कई आयुर्वेदिक और पारंपरिक धार्मिक ग्रंथों में इसका उल्लेख एक उपयोगी वनस्पति के रूप में भी किया गया है। फिर भी, आधुनिक विज्ञान की दृष्टि से इन दावों की पुष्टि नहीं होती।

इंद्रजाल की पूजा विधि {धार्मिक मान्यता अनुसार}


तांत्रिक ग्रंथों में वर्णित विधि के अनुसार, इंद्रजाल की पूजा के लिए गंगाजल, अक्षत, कुमकुम, कलावा, लाल वस्त्र, घी या, मिट्टी के दीपक, अष्टगंध, काली हल्दी, अगरबत्ती और ताजे फूलों का उपयोग किया जाता है।

मंगलवार और शनिवार को पूजा के लिए विशेष शुभ माना जाता है। घर के मंदिर के सामने लाल आसन बिछाकर, इंद्रजाल को गंगाजल से सात बार शुद्ध किया जाता है। इसके बाद घी के दीपक जलाए जाते हैं
और अष्टगंध, कुमकुम व काली हल्दी के मिश्रण से इंद्रजाल पर 11 या 21 बार तिलक लगाया जाता है।

इसके साथ निम्न मंत्र का जप किया जाता है:

“ॐ नमशचंडीकाये नमः ” १०८ बार जप करें 

मंत्रोच्चारण के बाद इंद्रजाल को लाल कपड़े में बाँधकर या कांच में मढ़ा के घर के मंदिर में या सुरक्षित स्थान पर रखा जाता है, जहाँ उसे बार-बार स्पर्श न किया जाए।

क्यों माना जाता है यह “महत्वपूर्ण”?

इंद्रजाल का महत्व उसके भौतिक रूप से अधिक, उसके साथ जुड़े विश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच में देखा जाता है। कई लोगों का मानना है कि जब व्यक्ति श्रद्धा के साथ
किसी नियम का पालन करता है, तो उसका मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ता है और यही जीवन में बदलाव का कारण बनता है।

महत्वपूर्ण सूचना:–

यह लेख पूरी तरह धार्मिक आस्था, परंपरा और लोकविश्वासों पर आधारित है। इंद्रजाल से जुड़े किसी भी आध्यात्मिक या स्वास्थ्य संबंधी दावे का कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

(इसे अंधविश्वास या चिकित्सा सलाह का विकल्प न माना जाए।)

जय महाकाल आदेश 





 



 

 ( एक विशेष चेतावनी : कुछ लोगों द्वारा बजार में नकली जड़ी बेची जा रही है, सही और परखी हुई वस्तु ही कार्यान्वित  होगी )

अगर कोई मित्र या साधक बंधू इस वनस्पति को  प्राप्त करना चाहे वो अवश्य प्राप्त कर सकता हैं। ..






संपर्क  -   9207 283 275



2 टिप्‍पणियां:

  1. इंद्रजाल वनस्पति का पूजन तरीका एवम सही समय बताने की कृपा करें धन्यवाद

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