बगलामुखी भगवती साधना - Bagalamuki Bhagawati sadhna

|| जय महाकाल || 


{ बगलामुखी भगवती  साधना - Bagalamuki Bhagawati  sadhna }

सर्व मनोरथ पूर्णी  माँ बगलामुखी साधना -


।देवी बगलामुखी दस महाविद्या में आठवीं महाविद्या हैं यह मां बगलामुखी स्तम्भन  शक्ति की अधिष्ठात्री देवी हैं। इन्हीं में संपूर्ण ब्रह्माण्ड की शक्ति का समावेश है। माता बगलामुखी की उपासना से शत्रुनाश, वाकसिद्धि, वाद विवाद में विजय की  प्राप्त होती है। इनकी उपासना से शत्रुओं का नाश होता है तथाभक्तों का जीवन हर  प्रकार की बाधा से मुक्त हो जाता है..।कथा के अनुसार सतयुग में महाविनाश उत्पन्न करने वाला ब्रह्मांडीय तूफान उत्पन्न हुआ, जिससे संपूर्ण प्रीति पर  हाहाकार मचने लगा और सृष्टि का विनाश होने लगा तथा लोग संकट में पड़ने लगे || और  संसार की रक्षा करना असंभव हो गया। जिसे देख कर भगवान विष्णु जी चिंतित हो गए।
इसके परिणामों से चिंतित हो भगवान विष्णु ने तप करने की ठानी। उन्होंने सौराष्‍ट्र प्रदेश में हरिद्रा नामक सरोवर के किनारे कठोर तप किया।   इसी तप के ..फलस्वरूप सरोवर में से माँ  भगवती बगलामुखी का अवतरण हुआ। हरिद्रा यानी हल्दी होता है। अत: माँ बगलामुखी के वस्त्र एवं पूजन सामग्री सभी पीले रंग के होते हैं। बगलामुखी मंत्र के जप के लिए भी हल्दी की माला का.. प्रयोग होता है।
  


साधना के नियम  विधि -



विनियोग -


अस्य : श्री ब्रह्मास्त्र-विद्या बगलामुख्या नारद ऋषये नम: शिरसि।
त्रिष्टुप् छन्दसे नमो मुखे। श्री बगलामुखी दैवतायै नमो ह्रदये।
ह्रीं बीजाय नमो गुह्ये। स्वाहा शक्तये नम: पाद्यो:।

.ऊँ नम: सर्वांगं श्री बगलामुखी देवता प्रसाद सिद्धयर्थ न्यासे विनियोग:। 



- बगलामुखी शाबर मंत्र -
 मलयाचल बगला भगवती, महाक्रूरी महाकराली
राज मुख बन्धनं ग्राम मुख बन्धनं, ग्राम पुरुष बन्धनं ,
काल मुख बन्धनं, चौर मुख बन्धनं, व्याघ्र मुख बन्धनं
सर्व दुष्ट ग्रह बन्धनं, सर्व जन बन्धनं वशिकुरु, हूँ फट स्वाहा | 



ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं बगामुखी देव्यै ह्लीं साफल्यं देहि देहि स्वाहा: - See more at: http://naidunia.jagran.com/spiritual/kehte-hain-these-rare-spell-of-the-goddess-bagalamukhi-356529#sthash.HLXbp8nQ.dpufमूल मंत्र -  ॐ ह्रीं बगलामुखी जगद वसंकरी ! माँ बगले पीताम्बरे  प्रसीद-प्रसीद मम सर्व मनोरथान पूरय-पूरय ह्रीं ॐ | सर्व बाधा प्रशमनं त्रैलोकस्या खिलेश्वरी , एवमेव त्वया कार्य मस्य द्वैरी विनाशनं | ॐ ह्रीं बगलामुखी जगद वसंकरी ! माँ बगले पीताम्बरे  प्रसीद-प्रसीद मम सर्व मनोरथान पूरय-पूरय ह्रीं ॐ |
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं बगामुखी देव्यै ह्लीं साफल्यं देहि देहि स्वाहा: - See more at: http://naidunia.jagran.com/spiritual/kehte-hain-these-rare-spell-of-the-goddess-bagalamukhi-356529#sthash.HLXbp8nQ.dpuf
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं बगामुखी देव्यै ह्लीं साफल्यं देहि देहि स्वाहा: - See more at: http://naidunia.jagran.com/spiritual/kehte-hain-these-rare-spell-of-the-goddess-bagalamukhi-356529#sthash.HLXbp8nQ.dpufमंत्र - ऊँ ऐं ह्रीं श्रीं बगलामुखी सर्वदृष्टानां मुखं स्तम्भिनि सकल मनोहारिणी अम्बिके इहागच्छ सन्निधि कुरू सर्वार्थ साधय साधय स्वाहा।
 

(  यह साधना गुरु निर्देश में करे तो अच्छा होगा  अन्यथा संकट ग्रस्त हो  सकते हो  ) 

- जय महाकाल - 


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